Darbhanga News: जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत के वार्ड संख्या-5 स्थित सम्राट चौक में एक नाबालिग किशोरी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. उजाला को हिरासत में ले लिया है, जबकि गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, हिरणी पंचायत के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की को 13 जनवरी को मो. उजाला बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस संबंध में पीड़िता के पिता ने तत्काल स्थानीय थाने में आवेदन देकर युवक और उसके परिजनों पर अपहरण का आरोप लगाया था। हालांकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही लड़की की खोज के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस सक्रिय होती, तो उनकी बेटी की जान बच सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाने में आवेदन देने के बावजूद उन्हें उसकी रिसीविंग तक नहीं दी गई। परिजनों के मुताबिक, फरवरी में आरोपी किशोरी को अपने घर लेकर आया, जहां उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
विरोध करने पर आरोपी ने कथित रूप से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुशेश्वरस्थान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि इसके बाद शव को घर ले जाकर बीमारी से मौत की अफवाह फैलाने की कोशिश की गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने मृतका के मौसा अरविंद पासवान पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें वे घायल हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित निकालकर हिरासत में लिया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया है। साथ ही एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मृतका के पिता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती शिकायत पर कार्रवाई होती, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।


