Ranchi News:- झारखंड में राजनीतिक विवाद गरमाता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए हैं। विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष बौखला गया है और इसी कारण झूठे आरोपों और अफवाहों का सहारा ले रहा है। पांडेय ने भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री और पुलिस महकमे को बदनाम करने के प्रयासों को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने हमेशा पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल पेश की है। बच्चों के पोषण को लेकर लगाए गए आरोपों पर पांडेय ने पलटवार करते हुए कहा कि कुपोषण भाजपा के लंबे शासनकाल की देन है। हेमंत सरकार ने पोषण अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण और सेविकाओं का मानदेय नियमित करने जैसे ठोस कदम उठाए हैं। 
वहीं, बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी पर राज्य की संपत्ति लूटने और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जमानत पर बाहर रामगढ़ के वांटेड अपराधी राजेश राम डीजीपी कार्यालय में लगातार जाता रहा, लेकिन उसे कभी गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय में तैनात सिपाही रंजीत राणा और इंस्पेक्टर गणेश सिंह जैसे कई अधिकारी कथित रूप से गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं। मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले में भी कई धनपशु माफियाओं को समय पर चार्जशीट दाखिल न करने के कारण लाभ मिला, और इसके जिम्मेदार अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दोनों नेताओं के बयान झारखंड में राजनीतिक तनाव और विकास के मुद्दों को उजागर करते हैं। पांडेय ने विपक्ष को रचनात्मक सुझाव देने और झूठे आरोपों से बचने की सलाह दी, जबकि मरांडी ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार और संरक्षण के आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि महाघोटालेबाजों को अंततः कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

