Patna News : ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान, सहरसा के संस्थापक और प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा जी ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 (शनिवार) को पूरे दिन मनाया जाएगा। लेकिन यदि आप शुभ मुहूर्त में राखी बांधना चाहते हैं, तो मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार सुबह से दोपहर 1 बजकर 33 मिनट तक का समय सबसे उत्तम माना गया है।
पंडित झा ने बताया कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उसकी लंबी उम्र व सफलता की कामना करती हैं। वहीं भाई जीवन भर अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। राखी को “रक्षा सूत्र” भी कहा जाता है, जिसकी परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है।
हिंदू धर्म के शास्त्रों में रक्षाबंधन का गहरा महत्व बताया गया है। भविष्यपुराण के अनुसार, एक बार देवताओं और दानवों के बीच युद्ध हुआ था, तब इन्द्र की पत्नी इन्द्राणी ने रक्षासूत्र तैयार किया था, जिसे देवगुरु बृहस्पति ने इन्द्र के हाथ में बांधा और एक विशेष संस्कृत श्लोक का उच्चारण किया। इसके बाद इन्द्र को विजय प्राप्त हुई। तभी से यह परंपरा प्रचलित है।
पंडित तरुण झा ने लोगों से आग्रह किया कि वे राखी बांधते समय इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को जरूर याद रखें, और शुभ मुहूर्त में इस पवित्र कर्तव्य का पालन करें।
जो रक्षाबन्धन का मन्त्र है :
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन तवां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥


