नई दिल्ली।
चार-पांच महीने में भारत में बनी कलवरी क्लास की तीसरी पनडुब्बी आईएनएस करंज नौसेना के बेड़े में शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। समुद्री परीक्षणो में यह खरी उतरी है। आईएनएस करंज में सतह और पानी के अंदर टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी शीप मिसाइल दागने की क्षमता है। यह पनडुब्बी 50 दिनों तक समुद्र मेंे रह सकती है और एक बार में 12 हजार किलोमीटर तक की यात्रा कर सकती है। इसके अलावा समुद्र में बारूदी सुरंगे भी बिछा सकती है। कलवरी क्लास की कुल छह पनडुब्बियां का निर्माण मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड ने फ्रांसीसी कंपनी मेसर्स नेवल ग्रुप के साथ किया है। इसमें दो पनडुब्बियां कलवरी और खंडेरी पहले ही नौसेना में शामिल हो चूकी है।


