IIM Ranchi : के छात्रों के लिए आज का दिन बेहद खास रहा, जब संस्थान का 15वां दीक्षांत समारोह धूमधाम से आयोजित हुआ। इस मौके पर देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और मेधावी विद्यार्थियों को डिग्री व सम्मान प्रदान किया। समारोह में मौजूद छात्रों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था, क्योंकि उनकी मेहनत आज एक नई पहचान में बदल गई।
ड्रग्स से दूर रहने की अपील, नैतिकता पर जोर
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने छात्रों को न केवल सफलता की बधाई दी बल्कि उन्हें एक अहम संदेश भी दिया। उन्होंने ड्रग्स जैसे खतरनाक नशे से दूर रहने की सख्त सलाह दी और इसके समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असली सफलता वही है जो नैतिकता और ईमानदारी के रास्ते से हासिल की जाए।
शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं
उपराष्ट्रपति ने प्रबंधन शिक्षा के दायरे को बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ बोर्डरूम और बैलेंस शीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। छात्रों को समाज से जुड़कर वास्तविक समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में लिए गए फैसले केवल करियर नहीं बल्कि लोगों के जीवन और समाज को भी प्रभावित करते हैं।
2047 के विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी छात्रों को संबोधित किया और कहा कि एआई के इस दौर में अवसर असीमित हैं। उन्होंने युवाओं को 2047 के विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों को संभालना ही असली मैनेजमेंट है।
गीता और मूल्यों से प्रेरणा लेने की अपील
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों को भगवान कृष्ण और गीता के उपदेशों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। वहीं राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज के विकास में योगदान देने की सीख दी।
558 छात्रों को मिली डिग्री, कई को सम्मान
इस दीक्षांत समारोह में कुल 558 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें पीएचडी, एमबीए और अन्य कोर्स शामिल थे। सात छात्रों को मेडल और विशेष पुरस्कार भी दिए गए। साथ ही आईआईएम रांची ने देश का पहला वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी भी लॉन्च किया, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नया कदम माना जा रहा है।

