Bankipur By Election : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान सोमवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की प्रत्याशी वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के बाद पटना की गांधी मैदान थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई वर्ष 2009 के एक लंबित मामले में जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान कर दी।
पुलिस के अनुसार, वीणा मानवी के खिलाफ वर्ष 2009 में सिविल कोर्ट में दर्ज एक परिवाद के आधार पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-9 (कोर्ट संख्या-26) ने 26 फरवरी 2026 को गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसी वारंट के अनुपालन में गांधी मैदान थाना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 403 (संपत्ति का गबन) और धारा 418 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा एसीजेएम-7 की अदालत में भी एक अन्य धोखाधड़ी से जुड़े मामले की सुनवाई निर्धारित थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वीणा मानवी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2016 में पटना के कंकड़बाग थाना में फर्जीवाड़ा और जालसाजी का मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा उनके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) तथा साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी के दौरान गांधी मैदान थाना परिसर में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस कार्रवाई के दौरान वीणा मानवी भावुक हो गईं और रोने लगीं। इसके बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास-9 की अदालत में पेश किया गया, जहां केस संख्या 837/2009 में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली गई।
तेज प्रताप यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया
इस घटनाक्रम के बाद जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि उनकी पार्टी की प्रत्याशी को चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने के उद्देश्य से निशाना बनाया गया है। तेज प्रताप ने कहा कि यदि पुलिस के पास पहले से वारंट था तो चुनाव प्रचार के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई और नामांकन के तुरंत बाद ही गिरफ्तारी क्यों की गई।
उन्होंने कहा, “महिला के साथ जब अन्याय होता है तो कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलता है। अब बिहार आने के बाद मेरा सुदर्शन चक्र चलेगा। वीणा मानवी चुनाव जीत रही हैं, इसलिए उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है।” तेज प्रताप ने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं और जल्द बिहार लौटकर पूरे मामले पर सरकार को घेरेंगे तथा प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखेंगे।
वहीं, वीणा मानवी की अधिवक्ता निशा सिंह ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल न्यायालय की प्रक्रिया का पालन कर रही थीं, फिर भी अचानक गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बताया कि सभी मामलों का विवरण पहले ही न्यायालय के समक्ष घोषित किया जा चुका था।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गिरफ्तारी और उसके बाद मिली जमानत के बाद बांकीपुर उपचुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।


