Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो स्थित उलीडीह थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शंकोसाई रोड नंबर पांच के केदार बगान में मंगलवार रात एक महिला ने अपनी तीन मासूम बेटियों को कथित तौर पर कीटना/शक खिला दिया और खुद भी ज/हर खा लिया। घटना में महिला और तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई। पड़ोसी की तत्परता से चारों को देर रात एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इनमें एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पीड़ित महिला की पहचान पिंकी कुमारी के रूप में हुई है। उसकी बेटियों में 13 वर्षीय माही मेहता, पांच वर्षीय मासूम मेहता और चार वर्षीय ऋषिका मेहता शामिल हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि तीसरी बेटी के जन्म के बाद से ही पति धर्मवीर मेहता और ससुराल के अन्य सदस्य उसे प्रताड़ित करने लगे थे। उसका पति ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित एक कंपनी में काम करता है।

पिंकी के अनुसार, सास-ससुर, देवर और देवरानी भी उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते थे। उसने बताया कि 22 अक्टूबर को उसकी देवरानी गुड़िया ने उलीडीह थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से परिवार में विवाद और बढ़ गया था। लगातार घरेलू तनाव और कथित प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से परेशान थी।
महिला के बयान के अनुसार, मंगलवार शाम उसने बाहर से कीट/नाशक खरीदा। इसके बाद उसने इसे खाने-पीने की चीजों में मिलाकर अपनी तीनों बेटियों को दे दिया और खुद भी सेवन कर लिया। कुछ देर बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं।
स्थिति गंभीर होते देख पड़ोसी अजय कुमार ने तत्परता दिखाई और बिना देर किए महिला तथा तीनों बच्चियों को एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनका इलाज शुरू हो सका।
बेहतर इलाज की व्यवस्था की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता विकास सिंह भी एमजीएम अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को मामले की जानकारी देते हुए महिला और तीनों बच्चियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
विकास सिंह ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि एक महिला का अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ इस तरह का कदम उठाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म के कारण किसी महिला को प्रताड़ित किया जाना समाज के लिए शर्मनाक है।
फिलहाल चारों का अस्पताल में इलाज जारी है। घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा, पारिवारिक तनाव और बेटियों के प्रति भेदभाव जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है।


