Bihar News : पटना। बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास से लाखों रुपये नकद और कीमती सामान चोरी होने का मामला सामने आया। इस संबंध में तेज प्रताप यादव ने अपने ही करीबी सहयोगी और निजी सहायक मोतीलाल राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, राजधानी पटना स्थित 42 हार्डिंग रोड के सरकारी आवास में रखी आलमारी से कथित तौर पर करीब 20 लाख रुपये नकद गायब पाए गए। बताया जा रहा है कि यह राशि पार्टी फंड के लिए सुरक्षित रखी गई थी। नकदी के अलावा कई कीमती सामान भी लापता बताए गए हैं।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार चोरी हुए सामानों में दो तोला सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चार पेन ड्राइव, दो हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक मैकबुक लैपटॉप, एक लेनोवो लैपटॉप तथा चार आईफोन प्रो मैक्स मोबाइल फोन शामिल हैं। चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
मामले की सूचना मिलते ही सचिवालय थाना पुलिस सक्रिय हो गई और घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने आवास का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने का काम शुरू किया। साथ ही आवास में मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर चोरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2022 में भी उनके आवास से चोरी की घटना सामने आई थी। उस समय उन्होंने घर की देखरेख करने वाले एक युवक पर नकदी और कीमती सामान लेकर फरार होने का आरोप लगाया था। उस मामले में भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
एक बार फिर सरकारी आवास में हुई चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और भरोसेमंद लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड पर सभी की निगाहें पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।


