बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब किशनगंज से कांग्रेस सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद और सीतामढ़ी से जदयू विधायक पंकज कुमार मिश्रा को जान से मारने की धमकियां मिलीं। सोशल मीडिया और सीधी कॉल्स के माध्यम से दी गई ये धमकियां न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं, बल्कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद होने की ओर भी इशारा कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर सांसद को धमकी
किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर “हिंदू राष्ट्र” नामक एक आईडी से जान से मारने की धमकी दी गई। धमकी में सीधे तौर पर लिखा गया, “मोहम्मद जावेद तू अल कायदा का आतंकी है। एक-एक को ठिकाने लगाया जाएगा। तुम्हारा भी नंबर आएगा।” इस संदेश से न सिर्फ सांसद, बल्कि जिले के राजनीतिक माहौल में भी उथल-पुथल मच गई है।
डॉ. जावेद ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संसद भवन थाना, नई दिल्ली में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए सांसद को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
विधायक को धमकी: सड़क निर्माण में रंगदारी की मांग
उधर, सीतामढ़ी जिले में रून्नीसैदपुर से जदयू विधायक पंकज कुमार मिश्रा और उनके निजी सहायक मनीष कुमार को एक अज्ञात व्यक्ति ने सड़क निर्माण परियोजना में कमीशन न मिलने पर जान से मारने की धमकी दी है। धमकी देने वाले का नाम सरोज राय बताया गया, जो इलाके में एक मोस्ट वांटेड अपराधी है। सरोज राय ने खुलेआम कहा कि अगर सड़क निर्माण से उसे कमीशन नहीं मिला, तो वह विधायक और उनके सहायक को मौत के घाट उतार देगा।
विधायक और सहायक की प्रतिक्रिया
घटना के बारे में बताते हुए मनीष कुमार ने कहा, “5 अक्टूबर की सुबह मुझे सरोज राय का फोन आया, जिसने सीधे-सीधे सड़क निर्माण कार्य में कमीशन की मांग की और धमकी दी कि अगर हमने उनकी बात नहीं मानी, तो वह हमें मार देगा। मैंने तत्काल विधायक पंकज मिश्रा को फोन सौंपा, लेकिन धमकी यहीं नहीं रुकी।” विधायक मिश्रा ने भी धमकी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस का एक्शन प्लान
सीतामढ़ी के डीएसपी रामकृष्णा ने बताया कि सरोज राय की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम में एसपी के निर्देशानुसार महिंदवारा और रून्नीसैदपुर थानों की पुलिस और एसआईटी शामिल हैं। “जल्द ही अपराधी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा,” डीएसपी ने कहा।
बिहार की सुरक्षा पर सवाल
ये दोनों घटनाएं बिहार में विधायकों और सांसदों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। जहां एक ओर सांसद को सोशल मीडिया पर धमकी दी जाती है, वहीं दूसरी ओर विधायक से सीधी रंगदारी की मांग की जाती है। ये घटनाएं राज्य में अपराधियों के बढ़ते प्रभाव और प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं।
राज्य की राजनीति में इस मामले ने भूचाल ला दिया है। विपक्ष से लेकर सत्ताधारी दल तक, सभी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इन धमकियों का सामना कैसे करती है और आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है


