Gopalganj News: हथियार लहराने और अश्लील डांस के वायरल वीडियो मामले में सोमवार को गोपालगंज की एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई है। इस मामले में विधायक अनंत सिंह समेत कुल नौ आरोपित नामजद हैं। हालांकि, अदालत ने सभी आरोपितों में से केवल अनंत सिंह को ही राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। अन्य आरोपितों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एमपी-एमएलए अदालत के न्यायाधीश ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। अदालत में अनंत सिंह की ओर से पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन और गोपालगंज सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत के समक्ष कानूनी तथ्यों और परिस्थितियों का हवाला देते हुए दलील दी कि विधायक के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। दलीलों पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन ने अदालत में वायरल वीडियो को एडिटेड बताते हुए कहा कि विधायक को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मामले की अगली सुनवाई 30 मई को होगी। उन्होंने कहा कि इस केस में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 जोड़ने के लिए आवेदन दिया गया है, हालांकि अदालत ने अभी तक उस आवेदन को स्वीकार नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला 3 मई का है। विधायक अनंत सिंह गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सेमराव गांव में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। बाद में कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग कथित रूप से हथियार लहराते दिखाई दे रहे थे। मामले पर सफाई देते हुए अनंत सिंह ने कहा था कि उनके कार्यक्रम स्थल से जाने के बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है और उनके मौजूद रहने के दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी।


