Jharkhand News : झारखंड के पलामू जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब विकास कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर) के कारण लातेहार, लोहरदगा और गुमला के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में तेज बारिश हुई है, जिससे कोयल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते मेदिनीनगर-शाहपुर-चैनपुर मार्ग पर निर्माणाधीन नए पुल का कार्य दूसरी बार रोकना पड़ा है। सुरक्षा के मद्देनजर नदी में कार्यरत सभी मशीनों और उपकरणों को बाहर निकाल लिया गया है।
निर्माण एजेंसी गंगा कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर बबलू पांडे ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निर्माण स्थल पर चल रहे सभी कार्य तत्काल रोक दिए गए हैं। नदी में मौजूद मशीनों और अन्य उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही नदी का जलस्तर सामान्य होगा, पाइलिंग का कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
बताया गया कि नए पुल का निर्माण कार्य 13 मई से शुरू हुआ था और वर्तमान में पाइलिंग का काम चल रहा था। परियोजना के तहत कुल 195 पाइलिंग की जानी है, जिनमें अब तक 30 पाइलिंग पूरी हो चुकी हैं। दो अत्याधुनिक मशीनों की मदद से यह कार्य किया जा रहा था। निर्माण योजना के अनुसार प्रत्येक पिलर के लिए 15 पाइलिंग का प्रावधान रखा गया है।
तेज बहाव के कारण निर्माण कार्य के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्जन भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। निर्माण एजेंसी ने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद सबसे पहले डायवर्जन की मरम्मत की जाएगी, ताकि मशीनों को दोबारा नदी के भीतर ले जाकर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
गौरतलब है कि कोयल नदी पर बना पुराना पुल काफी जर्जर हो चुका है और उस पर अक्सर लंबा जाम लगता है। इसी वजह से क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से नए पुल की मांग रही है। पलामू के विधायक आलोक चौरसिया और सांसद वीडी राम ने भी इस मुद्दे को सरकार के समक्ष कई बार उठाया था। विधानसभा में भी यह मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद सरकार ने नए पुल निर्माण को मंजूरी दी थी।
करीब 64 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे इस पुल को 25 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल बनने के बाद मेदिनीनगर, शाहपुर और चैनपुर के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। साथ ही क्षेत्र के हजारों लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी और परिवहन व्यवस्था भी पहले से बेहतर होगी।


