Saran News: जिले में नाबालिग किशोरी के अपहरण और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार सुबह शादी की नीयत से कथित रूप से अगवा की गई किशोरी का शव करीब 24 घंटे बाद रविवार को उसके घर के समीप स्थित नहर से बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
मृतका की मां ने शाहनेवाजपुर गांव निवासी मंटू राय और उसके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि किशोरी का अपहरण करने के बाद आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। मां ने आरोप लगाया कि वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया, जिससे किशोरी की पहचान छिपाई जा सके।
मृतका की मां ने स्थानीय थाने के एक चौकीदार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुराने मामले में समझौता नहीं होने के कारण कथित रूप से साजिश रचकर किशोरी की हत्या कराई गई। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और अभी किसी भी आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों के अनुसार, किशोरी के लापता होने के बाद शनिवार को ही स्थानीय थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया था। रविवार को नहर से शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सत्यम प्रताप पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीपीओ संजय कुमार सुधांशु और इंस्पेक्टर इंद्रजीत महतो भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
एसडीपीओ ने परिजनों से लिखित शिकायत ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि किशोरी की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस आरोपों की जांच के साथ-साथ संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।हालांकि अभी तक पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी मंटू की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है, जिस कारण परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश और भी अधिक बढ़ गया है।


