Bihar News: चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती के अवसर पर बिहार सरकार राजकीय समारोह आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बिहार विधान परिषद के एनेक्सी सभागार में आयोजित समारोह में यह घोषणा की। कार्यक्रम का आयोजन पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से किया गया था।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल का योगदान देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उनके अथक प्रयासों के कारण मोहनदास करमचंद गांधी चंपारण पहुंचे और किसानों पर अंग्रेजी शासन के अत्याचार के खिलाफ ऐतिहासिक सत्याग्रह का नेतृत्व किया। चंपारण सत्याग्रह ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा देने के साथ अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष को मजबूत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय समारोह के माध्यम से पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान और चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे महत्वपूर्ण अध्यायों को युवाओं तक पहुंचाना आवश्यक है।
सम्राट चौधरी ने राज्य में कम बारिश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बिहार में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने कृषि कार्य के लिए सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आम लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘सहयोग कार्यक्रम’ को सुशासन का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 96 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।
उन्होंने रोजगार के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले तीन दिनों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 16 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
बिहार की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार और झारखंड के अलग होने से पहले संयुक्त बिहार का बजट करीब 6 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के वित्तीय प्रबंधन से बिहार की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये था, जबकि झारखंड का बजट 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये था।
कार्यक्रम में पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने स्मारिका ‘शुक्ल शौर्य’ का लोकार्पण किया। कला और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कल्पना पटवारी को ‘पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
समारोह में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग, पंडित राजकुमार शुक्ल के परिजन और स्मृति संस्थान से जुड़े लोग मौजूद रहे।


