“सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं चलेगा, चाहे मेरा ही घर क्यों न हो”
‘सहयोग कार्यक्रम’ से पंचायत स्तर पर मिलेगा समाधान, तारापुर में 12.49 करोड़ की योजनाओं की शुरुआत
Bihar News: मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र Tarapur (जिला Munger) के दौरे के दौरान कई अहम घोषणाएं कीं और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया। पहली बार विधायक बनने के बाद मुख्यमंत्री बनने को उन्होंने बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती बताया।
तारापुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने Narendra Modi के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड को भी कार्यकर्ताओं के साथ सुना। इसके बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है और वे अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कड़े निर्देश दिए।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रखंड, अंचल और थाना स्तर तक सीधे निगरानी की जाएगी। यदि कोई अधिकारी बिना वैध कारण के किसी फाइल को 30 दिनों से अधिक लंबित रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का एक रूप बताते हुए कहा कि जनता के काम में जानबूझकर देरी अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि तारापुर में उनके अपने घर की सीढ़ी सरकारी जमीन पर पाई गई थी, जिसे प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उनके खुद के घर पर कार्रवाई हो सकती है, तो किसी और को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जनता की समस्याओं के समाधान को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत हर महीने पंचायत स्तर पर दो दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे, जहां जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी मौजूद रहेंगे। इन शिविरों में पेंशन, राशन कार्ड, भूमि म्यूटेशन और पुलिस से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
इसके अलावा, क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने 12.49 करोड़ रुपये की योजनाओं की आधारशिला रखी। इन योजनाओं के तहत ढोल पहाड़ी को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।


