14वें दिन भी जारी भूख हड़ताल, व्हीलचेयर पर निकले अनशनकारी छात्र
Jharkhand News: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शनिवार को रांची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच समेत विभिन्न आंदोलित छात्र संगठनों ने तिरंगा मार्च निकाला। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकले मार्च में सैकड़ों छात्र और युवा शामिल हुए। करीब 300 मीटर लंबे तिरंगे के साथ छात्रों ने देशभक्ति गीतों और नारों के बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।
मार्च में पिछले 14 दिनों से अनशन कर रहे दो छात्र अभ्यर्थी व्हीलचेयर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि लगातार चल रहे संघर्ष के बावजूद छात्रों का हौसला कमजोर नहीं हुआ है। अनशनकारी छात्रों ने सरकार से जेपीएससी-जेएसएससी मामले में हठधर्मिता छोड़कर छात्र हित में जल्द निर्णय लेने की अपील की।
मांगें पूरी होने पर आंदोलन खत्म करने की बात
आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि सरकार यदि उनकी मांगों को स्वीकार कर लेती है तो वे आंदोलन समाप्त कर अपने घर लौट जाएंगे। छात्रों की प्रमुख मांगों में जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच शामिल है। छात्रों ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भरोसा कायम हो सके।
छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है। उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभ्यर्थियों के भविष्य की रक्षा करना है। छात्राओं ने भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
इन रास्तों से गुजरा तिरंगा मार्च
तिरंगा मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर कचहरी चौक, लालपुर और परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए अरगोड़ा स्टेडियम पहुंचा। रास्ते भर छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति गीतों के बीच अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे।
मार्च को देखते हुए रांची पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे और मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की गई।
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। शनिवार को छात्रों की भूख हड़ताल 14वें दिन और आंदोलन 22वें दिन में प्रवेश कर गया।
स्वतंत्रता दिवस पर स्टेडियम जाने को लेकर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो और पुलिस में गतिरोध, धक्का-मुक्की का आरोप
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच सहित विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो और पुलिस के बीच कुछ देर तक उहापोह की स्थिति बनी रही।
देवेंद्रनाथ महतो ने आरोप लगाया कि छात्रों की ओर से आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्टेडियम जाने के दौरान पुलिस जवानों ने उन्हें और उनके समर्थकों को रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की गई। महतो ने पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही करार दिया।
उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से सिविल सर्जन सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी इच्छा से जयपाल सिंह स्टेडियम में आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दे रहे थे। इसके बावजूद उन्हें कार्यक्रम में जाने से रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अपनी इच्छा से कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं तो उनकी स्वतंत्रता का हनन क्यों किया जा रहा है।
घटना के दौरान सदर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने देवेंद्रनाथ महतो को अस्पताल से बाहर निकलकर भीड़ की ओर जाने से रोकने का प्रयास किया।
महतो के अनुसार, जब पुलिस उन्हें रोक रही थी तो उनके साथ मौजूद समर्थकों को भी पीछे हटाने के लिए धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को निंदनीय बताया। इस दौरान महतो के समर्थन में पहुंचे एक युवक और पुलिस जवानों के बीच भी कुछ देर तक जोरआजमाइश की स्थिति बनी रही।
पुलिस की ओर से कहा गया कि देवेंद्रनाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति खराब है और ऐसे में उनका अस्पताल से बाहर जाना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं होगा। हालांकि, महतो जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर छात्रों के बीच झंडोत्तोलन करने पर अड़े रहे।
गौरतलब है कि जेपीएससी-जेएसएससी में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच सहित अन्य मांगों को लेकर छात्र अभ्यर्थियों और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की भूख हड़ताल शनिवार को 14वें दिन जारी रही। वहीं छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा।
छात्र नेता ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।



