रांची, 23 अगस्त (हि.स.)। सावन की अंतिम सोमवारी से पहले राजधानी रांची में रविवार को बाल कांवड़ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। श्री शिव बारात आयोजन महासमिति, पहाड़ी मंदिर के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में सैकड़ों नन्हे कांवड़िए गेरुआ वस्त्र पहनकर शामिल हुए। हाथों में कांवड़ लेकर बच्चों ने नक्षत्र वन से पहाड़ी मंदिर तक पैदल यात्रा की और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया।
यात्रा शुरू होने से पहले नक्षत्र वन में बाल कांवड़ियों और शिव-पार्वती के बाल स्वरूपों की विधिवत आरती की गई। रांची विधायक सीपी सिंह सहित आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने आरती के बाद बच्चों को पहाड़ी मंदिर के लिए रवाना किया। इसके बाद बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ ‘बोल बम’ और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा शुरू की।
नक्षत्र वन से निकली यात्रा रातू रोड चौक होते हुए पहाड़ी मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह शहरवासियों और श्रद्धालुओं ने नन्हे कांवड़ियों का स्वागत किया। ढोल-ताशे की थाप और धार्मिक जयघोष से पूरा यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आया। बच्चों के उत्साह और भक्ति को देखकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए और उनका हौसला बढ़ाया।
यात्रा में शिव और माता पार्वती के बाल स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान शिव और माता पार्वती के रूप में सजे बच्चों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। ढोल-ताशे की धुन पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आए। नन्हे कांवड़ियों की भक्ति और उत्साह ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
पहाड़ी मंदिर पहुंचने के बाद सभी बाल कांवड़ियों ने बाबा महाकाल को गंगाजल अर्पित किया। जलाभिषेक के दौरान बच्चों ने भगवान शिव से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। बड़ी संख्या में अभिभावक भी बच्चों के साथ यात्रा में शामिल रहे और पूरे रास्ते उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा।
श्री शिव बारात आयोजन महासमिति के अध्यक्ष राजेश कुमार साहू ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बाल कांवड़ियों के बीच नाश्ता पैकेट, टॉफी और चॉकलेट वितरित किए। महासमिति के प्रवक्ता बादल सिंह ने कहा कि बाल कांवड़ यात्रा का उद्देश्य बच्चों को सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कार, धार्मिक चेतना और सामाजिक एकता की भावना मजबूत होती है।
यात्रा में जनप्रतिनिधियों, महासमिति के पदाधिकारियों, अभिभावकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शहरवासियों के सहयोग से बाल कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।


