Ramgarh News: जिले के अरगड्डा क्षेत्र में अवैध कोयला खनन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना सीसीएल के अरगड्डा प्रक्षेत्र अंतर्गत चपरी गांव के काजू बागान क्षेत्र में स्थित एक अवैध कोयला मुहाने में हुई। बताया गया कि मजदूर अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदाननुमा सुरंग में उतरे थे, जहां ऑक्सीजन की कमी के कारण उनका दम घुट गया और वे बाहर नहीं निकल सके।
मृतकों की पहचान किशोर, आशीष, देवा और डब्बू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और माइंस रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे और कुज्जू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। माइंस रेस्क्यू की 12 सदस्यीय टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद चारों शवों को खदान से बाहर निकाला।
माइंस रेस्क्यू इंचार्ज विकास कुमार ने बताया कि अवैध मुहाना करीब 30 फीट गहरा था और उसके अंदर लगभग 40 फीट तक कोयले की खुदाई की गई थी। जांच के दौरान पाया गया कि खदान के भीतर ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम था। सामान्य रूप से जहां 21 प्रतिशत ऑक्सीजन होनी चाहिए, वहीं सुरंग के अंदर केवल 9 प्रतिशत ऑक्सीजन मौजूद थी। इतनी कम ऑक्सीजन में लंबे समय तक जीवित रहना संभव नहीं है, जिसके कारण मजदूरों की दम घुटने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना के बाद प्रशासन ने अवैध खनन गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है। प्रभागीय वनाधिकारी नीतीश कुमार ने कहा कि जंगल क्षेत्रों में अवैध खनन और अवैध मुहानों को बंद करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना सुरक्षा उपकरण, तकनीकी निगरानी और पर्याप्त ऑक्सीजन व्यवस्था के ऐसे स्थानों पर काम करना बेहद खतरनाक है।
पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही अवैध खनन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन जारी है, जिस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर सख्त रोक लगाने तथा लोगों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


