बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है, जहां सरकारी बंगले की लड़ाई अब पोस्टर युद्ध में बदल गई है। पटना के विभिन्न चौक-चौराहों पर लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ ऐसे विवादित पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में बवाल मच सकता है। इन पोस्टरों में तेजस्वी यादव को “टोंटी चोर” और “फेलस्वी यादव” के नाम से संबोधित किया गया है, जिससे एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आने की संभावना है।
बंगला विवाद: तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप
बात तब शुरू हुई जब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने हाल ही में अपने सरकारी आवास को खाली किया, जिसे अब वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आवंटित किया गया है। सम्राट चौधरी विजयदशमी के दिन इस बंगले में प्रवेश करेंगे। इसके बाद भाजपा नेताओं ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने बंगले से पंखे, एसी और यहां तक कि पानी की टोंटी तक निकालकर ले गए। इन आरोपों ने तेजस्वी यादव को नाराज कर दिया, और उन्होंने इस चरित्र हनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
पोस्टर में तेजस्वी और लालू पर हमला
इन आरोपों के बाद पटना की सड़कों पर एक और बड़ा विवाद उभर आया है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए गए पोस्टरों में तेजस्वी यादव की टोंटी पकड़े हुए तस्वीर के साथ उन्हें “टोंटी चोर” कहा गया है, वहीं उनके पिता लालू यादव को “चारा चोर” के रूप में दिखाया गया है। एक अन्य पोस्टर में तेजस्वी को “फेलस्वी यादव” कहा गया है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसके द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन इनकी चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
तेजस्वी की प्रतिक्रिया और कानूनी कदम
तेजस्वी यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि यह उनके खिलाफ एक साजिश है और उनके चरित्र को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है और अपने विरोधियों को चेताया है कि वह इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे।
पोस्टर पॉलिटिक्स ने बढ़ाया विवाद
बिहार में बंगला विवाद अब पोस्टर पॉलिटिक्स की ओर मुड़ गया है, जिससे राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। बिहार की राजनीति में इस तरह की पोस्टरबाजी पहले भी देखी गई है, लेकिन इस बार तेजस्वी यादव और लालू परिवार पर किया गया यह हमला उनके समर्थकों के बीच नाराजगी पैदा कर सकता है।
देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस विवाद पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया क्या होती है और पोस्टर पॉलिटिक्स का यह नया अध्याय बिहार की राजनीति में कितना गहराता है


