Devgarh News:- गोड्डा लोकसभा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बाबा वैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में जबरन प्रवेश और धक्का-मुक्की मामले में दर्ज एफआईआर के बाद शनिवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर थाना पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी देने की पेशकश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस प्रकरण में सीधे गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। पहले तीन बार नोटिस भेजा जाएगा, उसके बाद ही कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही शनिवार को अदालत बंद होने के कारण एफआईआर की प्रति अभी तक न्यायालय में पेश नहीं हुई है। करीब आधे घंटे तक थाने में रहने के बाद सांसद वापस लौट गए।
सांसद दुबे ने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और प्रशासन के बुलावे पर हर समय उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि वे भगोड़े नहीं हैं, कानून बनाने वाले हैं और उसका पालन करना उनका धर्म है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर व्यक्तिगत द्वेष से उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया।
दुबे ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, वे सीधे थाना पहुंचे। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से आने वाले समय में वे राज्य सरकार और जिला प्रशासन को उनकी गलती का एहसास कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में उन्होंने धारा 105 के तहत राज्य के डीजीपी, मुख्य सचिव, देवघर डीसी और एसपी के खिलाफ सवाल उठाए हैं, जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी।
उल्लेखनीय है कि पंडा समाज के वरिष्ठ समाजसेवी कार्तिक ठाकुर ने 7 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप है कि 2 अगस्त को सांसद मनोज तिवारी और निशिकांत दुबे अपने समर्थकों संग निकास द्वार से जबरन मंदिर में घुसे, सुरक्षाकर्मियों से भिड़े और गर्भगृह तक पहुंचे। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और पूजा कुछ समय के लिए बाधित हुई।
कार्तिक ठाकुर ने कहा कि उन्होंने 5 दिन बाद शिकायत निजी कारणों से दर्ज कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी भी वीआईपी का प्रवेश निकास द्वार से वर्जित है, तो सांसद और उनके समर्थक वहां से कैसे घुसे और प्रशासन ने संज्ञान क्यों नहीं लिया।

