Jharkhand News: विश्व पक्षी दिवस के अवसर पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा “जीव अमृत धारा उत्सव” के माध्यम से पशु-पक्षियों के संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदना का संदेश दिया जा रहा है। 16 अप्रैल से 16 मई तक चलने वाले इस विशेष अभियान में झारखंड प्रदेश की 82 शाखाएं सक्रिय रूप से सेवा कार्य में जुटी हुई हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जीव दया के प्रति जागरूक करना है।
मंच की प्रांतीय जीवदया संयोजक सारिका लड्ढा ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में तेजी से हो रहे शहरीकरण, पेड़ों की कटाई, बढ़ते प्रदूषण और जल संकट के कारण पक्षियों का प्राकृतिक आवास लगातार खत्म हो रहा है। इसके कारण कई पक्षियों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोग जागरूक नहीं हुए तो आने वाले दिनों में कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकती हैं।
उन्होंने बताया कि “जीव अमृत धारा उत्सव” के तहत विभिन्न शहरों और मोहल्लों में पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन, पानी के पात्र और दाना रखने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं पशुओं के लिए पानी के टब, नाद और चारा की भी व्यवस्था की जा रही है। गर्मी के मौसम में यह सेवा कार्य पशु-पक्षियों के लिए राहत पहुंचाने का काम कर रहा है।
सारिका लड्ढा ने कहा कि “पक्षियों की चहचहाहट प्रकृति की सुंदरता और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक है। यदि पक्षी सुरक्षित रहेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन बना रहेगा।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, छतों, आंगन और गली-मोहल्लों में पानी के छोटे पात्र रखें ताकि गर्मी में पक्षियों को राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व पक्षी दिवस की थीम “हर पक्षी मायने रखता है” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि हर जीव प्रकृति के लिए महत्वपूर्ण है। मंच द्वारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
मारवाड़ी युवा मंच का यह अभियान सेवा, संवेदना और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आ रहा है। समाज के लोगों और छात्र-छात्राओं से भी इस मुहिम में आगे आकर पशु-पक्षियों की रक्षा करने का आह्वान किया गया है।


