Ranchi : राजधानी रांची में शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अब नगर निगम पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इस वित्तीय वर्ष के लिए 100 करोड़ रुपये के टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें अब तक करीब 94 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। शेष लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का फोकस अब उन क्षेत्रों पर है, जहां टैक्स कलेक्शन में गड़बड़ी की आशंका है।
होल्डिंग टैक्स में गड़बड़ी पर फोकस
नगर निगम ने सबसे बड़ा ध्यान होल्डिंग टैक्स में हो रही अनियमितताओं पर केंद्रित किया है। जांच में सामने आया है कि कई भवन मालिक सेल्फ एसेस्मेंट के दौरान अपनी संपत्ति का क्षेत्रफल कम दिखाकर टैक्स चोरी कर रहे हैं। हाल ही में हुई फिजिकल वेरिफिकेशन और नापी में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां वास्तविक क्षेत्रफल कागजों में दर्ज क्षेत्रफल से काफी ज्यादा पाया गया।
100% पेनाल्टी के साथ वसूली का आदेश
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि टैक्स चोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध मामलों की सूची तैयार कर वसूली प्रक्रिया तेज कर दी गई है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि दोषी पाए जाने पर 100 प्रतिशत पेनाल्टी के साथ टैक्स वसूला जाएगा। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे खुद सही जानकारी देकर टैक्स जमा कर दें, ताकि आगे की सख्त कार्रवाई से बचा जा सके।
बड़े बकाएदारों पर चलेगा विशेष अभियान
निगम बड़े बकाएदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे जल्द से जल्द बकाया वसूला जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। निगम का मानना है कि इस अभियान से टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और शहर के विकास के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा सकेंगे।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले मामले
जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। हिनू स्थित सृष्टि हॉस्पिटल ने 14,100 वर्गफीट क्षेत्रफल घोषित किया था, जबकि वास्तविक माप 24,870 वर्गफीट निकला। वहीं अरगोड़ा चौक स्थित संतति आईवीएफ एवं लिटिल हार्ट हॉस्पिटल ने 19,700 वर्गफीट बताया था, लेकिन जांच में यह 32,127 वर्गफीट पाया गया। इन मामलों ने बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की पुष्टि कर दी है।
नगर आयुक्त का सख्त संदेश
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने साफ कहा है कि टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सख्ती जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से समय पर सही टैक्स जमा करने की अपील की, ताकि शहर के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके। निगम को उम्मीद है कि लगातार कार्रवाई और सख्ती के जरिए 100 करोड़ रुपये का लक्ष्य जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।

