Kishanganj News: बिहार के किशनगंज जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चियों की मिट्टी के नीचे दबकर मौत हो गई। घटना दिघलबैंक प्रखंड के हरूवाडांगा स्थित सुल्तानगंज वार्ड संख्या 10 की है। तीनों बच्चियां घर की लिपाई के लिए मिट्टी लाने गई थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का टीला धंस गया और तीनों उसके नीचे दब गईं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चियां अपने घर के पास ही मिट्टी खोदने गई थीं। वे टोकरी में मिट्टी भरकर घर ला रही थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। देखते ही देखते तीनों बच्चियां मिट्टी के नीचे दब गईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण शोर सुनकर मौके पर पहुंचे और बच्चियों को बाहर निकालने में जुट गए।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चियों को मिट्टी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृत बच्चियों की पहचान जमदेश आलम की पुत्रियों नगमा प्रवीण और निशा प्रवीण तथा फरियाद आलम की पुत्री रूबी खातून के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि जमदेश आलम और फरियाद आलम दोनों सगे भाई हैं। इस हादसे में दोनों भाइयों की तीन बेटियों की एक साथ मौत हो गई। एक ही परिवार की तीन मासूम बच्चियों की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में बच्चियों की चहचहाहट गूंजती थी, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी जुटाई। दिघलबैंक थानाध्यक्ष विपिन कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिली है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, परिजनों ने बच्चियों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। फिलहाल पुलिस परिजनों से बातचीत कर रही है। हादसे के बाद पूरे सुल्तानगंज गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के लिए इस दर्दनाक घटना पर विश्वास करना भी मुश्किल हो रहा है।


