पटना, 11 अगस्त (हि.स.)। बिहार में मंगलवार को शहीद दिवस के अवसर पर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। पटना स्थित शहीद स्मारक परिसर में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीर सेनानियों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।
शहीद दिवस के मौके पर 11 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश की आजादी के लिए शहादत देने वाले बिहार के सात अमर शहीदों को विशेष रूप से याद किया गया। इनमें उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानंद सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगतपति कुमार, देवीपद चौधरी, राजेंद्र सिंह और राम गोविंद सिंह शामिल हैं। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
राजकीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक परिसर में स्थापित सभी शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के वीर सपूतों की भूमिका और उनके बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। समारोह में मौजूद लोगों ने भी शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव समेत कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और विधायक श्याम रजक सहित अन्य नेताओं ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद मुख्यमंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने बिहार विधानमंडल परिसर स्थित शहीद पार्क में अमर ज्योति के समक्ष पुष्पचक्र अर्पित किया। सभी ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया।
शहीद दिवस का यह आयोजन नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सेनानियों के योगदान से परिचित कराने का भी अवसर बना। समारोह के दौरान शहीदों के आदर्शों और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संदेश दिया गया।


