Bihar News: बिहार के मधुबनी जिले में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बिस्फी प्रखंड के केरवार गांव में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।मृत बच्चों की पहचान दिनेश पंडित की 12 वर्षीय पुत्री रिंकू कुमारी, 10 वर्षीय पुत्र बसंत पंडित, छोटे पंडित के 14 वर्षीय पुत्र गोलू कुमार, ललित पंडित की 14 वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी और नुनु पंडित की 12 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में हुई है। सभी बच्चे एक ही गांव के रहने वाले थे और आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बिस्फी थाना क्षेत्र के केरवार गांव के सात बच्चे गांव के पास बने एक बड़े जलभराव वाले गड्ढे में नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। जब आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी मिली तो ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सभी बच्चों को पानी से बाहर निकाला। हालांकि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में अन्य बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान तीन और बच्चों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में कुल पांच बच्चों की जान चली गई, जबकि दो बच्चे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
जेसीबी मशीन से मिट्टी कटाई के दौरान यह गहरा गड्ढा बनाया गया था
गांव के पूर्व मुखिया शिव कुमार साव ने बताया कि जेसीबी मशीन से मिट्टी कटाई के दौरान यह गहरा गड्ढा बनाया गया था, जिसमें बारिश और अन्य स्रोतों का पानी जमा हो गया था। बच्चों को इसकी वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हो गया। मृतकों में तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच थी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) शारंग पांडेय तथा पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
प्रशासन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत मद से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान कर दी गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जेसीबी से खोदे गए ऐसे खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए या उनके चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। एक साथ पांच बच्चों की मौत से केरवार गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


