आयु सीमा में बड़ी राहत, 9 साल की छूट
इस बार आयु सीमा को लेकर सबसे बड़ा फैसला लिया गया है। JTET 2016 के बाद परीक्षा नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु में 9 साल की विशेष छूट दी गई है। न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है, जबकि 58 वर्ष तक के पारा शिक्षक भी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इससे उन हजारों उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो उम्र सीमा के कारण अब तक पीछे रह गए थे।
परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव
इस बार परीक्षा पैटर्न को भी आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। अब हर विषय में अलग-अलग पास होना जरूरी नहीं होगा। ओवरऑल क्वालीफाइंग मार्क्स के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। सामान्य और EWS वर्ग के लिए 60%, जनजातीय और दिव्यांग वर्ग के लिए 55% और OBC/SC/ST के लिए 52% अंक निर्धारित किए गए हैं।
आसान सिलेबस, इंटर-मैट्रिक स्तर के सवाल
अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए सिलेबस को भी आसान किया गया है। अब प्रश्नों का स्तर स्नातक से घटाकर इंटरमीडिएट और मैट्रिक स्तर का कर दिया गया है। परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी, जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। परीक्षा की अवधि ढाई घंटे होगी और OMR शीट पर परीक्षा ली जाएगी। दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को 30 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा।
दो स्तरों पर परीक्षा, दोनों में बैठने का मौका
JTET परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित होगी—प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8)। खास बात यह है कि अभ्यर्थी चाहें तो दोनों स्तर की परीक्षा में एक साथ शामिल हो सकते हैं, जिससे उनके चयन के मौके बढ़ जाएंगे।
अभ्यर्थियों में उत्साह, जल्द हो सकती है परीक्षा
JAC के अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि अभ्यर्थियों की लंबे समय से मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि 9 साल की उम्र छूट उनके लिए बड़ी राहत है। उम्मीद जताई जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जून 2026 तक परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
शिक्षक बनने का सपना अब होगा पूरा
JTET 2026 न सिर्फ शिक्षक बनने की राह को आसान करेगा, बल्कि लंबे समय से रुकी भर्ती प्रक्रिया को भी गति देगा। साथ ही स्थानीय भाषाओं को शामिल करने से क्षेत्रीय अभ्यर्थियों को भी बेहतर अवसर मिलेगा। अब राज्य के हजारों युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने का नया मौका मिलने जा रहा है।

