Bhagalpur News:- बिहार के भागलपुर जिले से बड़ा खुलासा हुआ है, जहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान दो पाकिस्तानी महिलाओं के नाम वोटर लिस्ट में दर्ज पाए गए। गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और दोनों महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का आदेश दिया। जांच में सामने आया है कि इन महिलाओं के पास न केवल वोटर आईडी बल्कि आधार कार्ड भी था और उन्होंने कई बार मतदान भी किया। जिला प्रशासन ने बीएलओ के माध्यम से फार्म 7 भरकर नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और पूरी घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं कि आखिर कैसे विदेशी नागरिक भारत की मतदाता सूची में शामिल हो गए।
जांच में इमराना खानम उर्फ इमराना खातून का नाम सामने आया है। वह भागलपुर के एक स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। सोमवार को स्पेशल ब्रांच और पुलिस ने स्कूल जाकर उन्हें तलाशने की कोशिश की, लेकिन वे वहां नहीं मिलीं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में इमराना ने खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए पाकिस्तानी होने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि उनका पालन-पोषण भागलपुर में ही हुआ और विवाद की जड़ उनकी किरायेदार बीएलओ फरजाना खातून हैं, जिन्होंने झूठा आरोप लगाया है।
मामले को और पेचीदा बनाता है इमराना का विदेशी पासपोर्ट, जिसमें उनका जन्म जनवरी 1956 पाकिस्तान में दर्ज है। जबकि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में उनकी जन्मतिथि 2 मार्च 1966 लिखी गई है। इस विरोधाभास ने संदेह और गहरा कर दिया है कि पहचान पत्र बनवाने में जन्मतिथि बदल दी गई।
भागलपुर एसएसपी हृदयकांत ने बताया कि मामले की जांच डीएसपी को सौंपी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यह प्रकरण न केवल मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है बल्कि आधार और वोटर आईडी जैसी महत्वपूर्ण पहचान पत्रों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर चिंता जताता है।


