नीतीश कुमार ने किया साइंस सिटी का लोकार्पण, छात्रों में उत्साह
889 करोड़ की लागत से बनी विज्ञान और नवाचार की आधुनिक सिटी
Patna News: बिहार की राजधानी पटना के राजेन्द्र नगर में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 21 एकड़ भूखंड पर निर्मित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी का फीता काटकर एवं शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने पूरे परिसर का अवलोकन किया और विभिन्न गैलरियों तथा वैज्ञानिक प्रदर्शों को बारीकी से देखा। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों ने तालियों की गड़गड़ाहट से मुख्यमंत्री का स्वागत किया, जिसका उन्होंने भी गर्मजोशी से जवाब दिया।
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को साइंस सिटी के निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। वहीं इस अवसर पर परियोजना से संबंधित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। लगभग 889 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस साईंस सिटी में पांच प्रमुख गैलरी, 269 विज्ञान प्रदर्श, आधुनिक ऑडिटोरियम, 4डी थियेटर और छात्रों-शिक्षकों के लिए डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी विज्ञान और नवाचार का एक अनूठा केंद्र बनेगा, जो हर आयु वर्ग के लोगों को आकर्षित करेगा। उन्होंने बताया कि निर्माण के दौरान कई बार उन्होंने स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों की टीम को विदेश भेजकर लंदन की साइंस सिटी का भी अध्ययन करवाया। मार्च 2024 में स्वयं लंदन जाकर उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं को देखा और पटना में उससे भी बेहतर साइंस सिटी बनाने का निर्देश दिया।
इस सिटी में “BE A Scientist”, सस्टेनेबल प्लैनेट, बेसिक साइंस, बॉडी एंड माइंड और एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस गैलरियां प्रमुख आकर्षण हैं। इनमें बच्चों और युवाओं के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक प्रदर्श लगाए गए हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (NCSM) और क्रिएटिव म्यूजियम डिजाइन्स (CMD) के सहयोग से प्रथम चरण में कई वैज्ञानिक प्रदर्श स्थापित किए गए हैं।
साइंस सिटी में 500 लोगों की क्षमता वाला एक आधुनिक प्रेक्षागृह, 150 शैय्या वाला छात्र-छात्राओं के लिए डॉरमेट्री, मुक्त आकाश रंगमंच, कैफेटेरिया और वाहन पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। परिसर में 150 किलोवाट के सौर पैनल भी लगाए जा रहे हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि यह सिटी बच्चों और युवाओं को विज्ञान के प्रति जागरूक करेगी और उनमें रुचि बढ़ाएगी। उन्होंने बताया कि इसका नामकरण भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर किया गया है, जिनका बिहार से विशेष लगाव था।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


