Bihar News: बिहार के गया जी में सोमवार को ड्रग विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली और नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू पीपरपाती मोहल्ले स्थित पूर्व सांसद स्वर्गीय Ranjit Singh उर्फ रंग सिंह की बिल्डिंग में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में कफ सिरप, नींद की गोलियां और अन्य संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। मामले में किराएदार विकास कुमार मौहरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद रंजीत सिंह का निधन हो चुका है और उनका बेटा गया सिविल कोर्ट में वकालत करता है। संबंधित बिल्डिंग किराए पर दी गई थी, जहां आरोपी विकास कुमार मौहरी लंबे समय से कथित तौर पर नकली दवाओं का कारोबार चला रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों और गुप्त सूचना के आधार पर ड्रग विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सोमवार को अचानक छापेमारी की।
ड्रग इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नशीली दवाएं, कफ सिरप और नींद की गोलियां बरामद हुई हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। बाहर से दवाएं मंगाकर यहां गुप्त रूप से स्टॉक किया जाता था और फिर अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बरामद दवाओं में कई ऐसी दवाएं शामिल हैं जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता है। फिलहाल जब्त दवाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है। पुलिस और ड्रग विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पूछताछ में आरोपी विकास कुमार मौहरी ने खुलासा किया है कि उसने हाल के दिनों में ही दवा निर्माण और सप्लाई का कारोबार शुरू किया था। हालांकि जांच एजेंसियां उसके बयान की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिल्डिंग में लंबे समय से गतिविधियां चल रही थीं, लेकिन अंदर क्या हो रहा था इसकी किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं थी। खास बात यह भी है कि इसी बिल्डिंग में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का कार्यालय भी किराए पर संचालित हो रहा है। इस पूरे मामले ने जिले में अवैध दवा कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि ड्रग विभाग को पिछले कुछ समय से इस परिसर में संदिग्ध तरीके से दवाओं के निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना के आधार पर विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई थी। सोमवार सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के टीम ने परिसर में छापा मार दिया।


