रांची। जेपीएससी अध्यक्ष व पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ चौधरी का निधन मंगलवार तड़के रांची के सेंटबिटा अस्पताल में हो गया। अपने आवास पर फिसलकर गिरने से उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें तत्काल सेंटेबिटा अस्पताल ले जाया गया पर उनकी मौत हो गई। उन्होंने रांची के एसएसपी रहते जनता के बीच से अपराधियों का खौफ खत्म करने का प्रशंसनीय कार्य किया था। झारखंड क्रिकेट को उंचाईयों तक ले जाने में भी उनकी भूमिका काफी अहम रही। इसको लेकर लोगो में शोक की लहर है।
उल्लेखनीय है कि अमिताभ चौधरी का जन्म 06 जुलाई, 1960 को हुआ है। वर्ष 1984 में आईआईटी खड़गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद 1985 में आईपीएस बने। इसके बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। अमिताभ चौधरी 1997 में रांची के एसएसपी बनाए गए थे। उन्होंने अपनी क्षमता, सूझबूझ व बेहतर टीम की बदौलत रांची की जनता के बीच से अपराधियों का खौफ खत्म किया, जिसे लोग आज भी याद करते हैं। इसके बाद 29 अक्टूबर, 2020 को उन्हें झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष बनाया गया था।
2005 में झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने
अभिताभ चौधरी ने क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धौनी के टीम इंडिया में पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। चौधरी 2002 में बीसीसीआई के मेंबर बने और 2005 में झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। वे 2003-2009 के दौरान टीम इंडिया के मैनेजर बने। वर्ष 2014 में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए अमिताभ चौधरी ने गृह विभाग में विशेष सचिव (एडीजी रैंक) के पद से वीआरएस ले लिया था। झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के टिकट पर चुनाव लड़े और 67 हजार वोट लाकर चौथे स्थान पर रहे।
निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक जताया
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के आकस्मिक निधन की दुःखद खबर मिली। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ने राज्य में क्रिकेट के खेल को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवार को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दें।
कई राजनीतिक हस्तियां और सामाजिक कार्यकर्ता दिवंगत अमिताभ चौधरी का अंतिम दर्शन करने पहुंचे
राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रदेश के डीजीपी नीरज सिन्हा, डीआईजी अनीश गुप्ता, एसएसपी किशोर कौशल, सिटी एसपी अंशुमान कुमार, ग्रामीण एसपी नौशाद आलम, वरिष्ठ आईपीएस सुरेंद्र झा सहित कई पुलिस के आला अधिकारियों के साथ कई राजनीतिक हस्तियां और सामाजिक कार्यकर्ता दिवंगत अमिताभ चौधरी का अंतिम दर्शन करने पहुंचे।


