भागलपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। भागलपुर की सीमा से होकर बहने वाली ऐतिहासिक चंपा नदी इन दिनों उफान पर है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। नदी के रौद्र रूप के बीच चंपा नदी के पुलों पर लोगों की लापरवाही चिंता का कारण बन गई है। हालात ऐसे हैं कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
बाढ़ के बाद चंपा नदी का तेज बहाव देखने के लिए पुराने पुल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। कई लोग सुरक्षा की परवाह किए बिना पुल के खतरनाक हिस्सों पर खड़े होकर नदी का वीडियो बना रहे हैं और सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर और बहाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है, ऐसे में पुल पर इस तरह भीड़ लगाना बेहद जोखिम भरा है।
सबसे गंभीर स्थिति नए पक्के पुल के आसपास देखने को मिल रही है। यहां कम उम्र के बच्चे उफनती चंपा नदी में ऊंचाई से छलांग लगाकर जानलेवा स्टंट कर रहे हैं। तेज धार के बावजूद बच्चों को नदी में कूदने से रोकने के लिए मौके पर कोई प्रभावी निगरानी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक नदी की धारा इस समय इतनी तेज है कि यदि कोई बच्चा या अन्य व्यक्ति बहाव की चपेट में आ गया तो उसे बचाना बेहद मुश्किल हो सकता है। लोगों को डर है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी है। उनका कहना है कि बाढ़ और तेज बहाव के बीच पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, लेकिन अभी तक मौके पर पर्याप्त निगरानी दिखाई नहीं दे रही है।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन एवं पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों ने दोनों पुलों पर सुरक्षा बल या चौकीदार की तैनाती, भीड़ को नियंत्रित करने और बच्चों को नदी में छलांग लगाने से रोकने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने चाहिए, ताकि चंपा नदी के तेज बहाव के बीच संभावित हादसे को टाला जा सके।


