West Champaran:- जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बगहा अनुमंडल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। रामनगर प्रखंड में खाद्यान्न गबन के गंभीर आरोपों में सात जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने लाभुकों को अनाज बांटे बिना सरकारी खाद्यान्न का गबन किया है।
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) गौरव कुमार ने बताया कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच में पाया गया कि संबंधित विक्रेताओं ने सरकारी गोदाम से अनाज का उठाव तो किया, लेकिन पात्र लाभुकों तक वितरण नहीं किया गया। इससे लाखों रुपये मूल्य का अनाज गायब पाया गया।
प्रशासन ने सभी सातों विक्रेताओं के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है:
रामचंद्र राम (पंचायत डैनमरवा) — खाद्यान्न गबन 107 क्विंटल, एफआईआर संख्या 617
मनोज केशरी (नगर परिषद क्षेत्र) — 526 क्विंटल, एफआईआर संख्या 618
प्रभु पंडित (पंचायत सोहशा) — 688 क्विंटल, एफआईआर संख्या 619
अवध किशोर राव (पंचायत तौलहा) — 432 क्विंटल, एफआईआर संख्या 620
एजाज अहमद (नगर परिषद क्षेत्र) — 274 क्विंटल, एफआईआर संख्या 621
महबूब आलम (पंचायत डैनमरवा) — 850 क्विंटल, एफआईआर संख्या 622
संजीत कुमार राव (पंचायत तौलहा) — 421 क्विंटल, एफआईआर संख्या 623
एसडीओ गौरव कुमार ने बताया कि सभी विक्रेताओं के लाइसेंस पहले ही रद्द कर दिए गए थे। अब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद विधि-सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जन वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और गबन की राशि की वसूली भी सुनिश्चित की जाएगी।”
इस कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य पीडीएस विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि पारदर्शिता से समझौता करने वालों पर अब बख्शिश नहीं होगी।

