Nawada News: पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में जदयू विधायक अनंत सिंह ने शनिवार को नवादा जिले में जन आशीर्वाद यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समर्थकों और स्नातक मतदाताओं की भीड़ जुटी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अनंत सिंह ने नवादा क्षेत्र में डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया।
वारिसलीगंज के शहीद चंदन सिंह चौक पर आयोजित सभा में अनंत सिंह ने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. अनुज सिंह भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। अपने संबोधन में उन्होंने अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने का भी दावा किया। यह उनका चुनावी दावा है, जबकि अंतिम फैसला मतदाताओं के मतदान से होगा।

अनंत सिंह ने डॉ. अनुज सिंह को शिक्षाविद् और समाजसेवी बताते हुए कहा कि वे स्नातकों की समस्याओं को समझते हैं और उनकी आवाज को विधान परिषद तक पहुंचाने का काम करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से अनुज सिंह के पक्ष में समर्थन देने की अपील की।
जन आशीर्वाद यात्रा वारिसलीगंज से शुरू होकर पकरीबरावां, नवादा सहित कई स्थानों से गुजरी। रास्ते में कई जगह समर्थकों ने अनंत सिंह और डॉ. अनुज सिंह का स्वागत किया। कुछ स्थानों पर जेसीबी से फूलों की वर्षा भी की गई। यात्रा के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए चुनावी माहौल बनाया।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि वे स्नातक मतदाताओं के लिए भाई और बेटे की तरह काम करेंगे। उन्होंने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही। उनके अनुसार स्नातकों के लिए कोचिंग सेंटर और स्नातक भवन स्थापित करने की योजना है, जिससे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
गौरतलब है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अनुज सिंह ने 1 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया था, जिसमें अनंत सिंह भी मौजूद रहे थे।
अनंत सिंह का अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले जन सुराज प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करना इस चुनाव को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि चुनाव का अंतिम परिणाम मतदाताओं के मताधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।


