Jharkhand News : भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा है कि अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दो दिवसीय पलामू दौरे पर पहुंचे आदित्य साहू ने रविवार को मेदिनीनगर स्थित परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि चाहे राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय हों या कोई अन्य पदाधिकारी, यदि जांच में उनकी भूमिका सामने आती है तो उन्हें भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भाजपा के प्रमुख संकल्पों में शामिल रहा है। ऐसे में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे में किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी। साहू ने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद सभी आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच अभी भी जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान आदित्य साहू ने झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो चुकी है और नौकरशाही पूरी तरह हावी है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को पलामू के छतरपुर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ आधी रात को स्वयं छापेमारी करनी पड़ी, जो राज्य की प्रशासनिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि झारखंड में हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय जिन विकासात्मक उद्देश्यों और जन आकांक्षाओं के साथ अलग झारखंड बनाया गया था, वे 26 वर्षों बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं।
उन्होंने मेदिनीनगर के कारोबारी विनीत तिवारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य अभियुक्त की अब तक गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। साथ ही चैनपुर के मंटू सिंह के साथ पुलिस रिमांड के दौरान कथित मारपीट के मामले में न्यायालय की टिप्पणी के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होना भी गंभीर चिंता का विषय है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में आपराधिक तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जवाबदेह हैं।


