Bhojpur News: जिले में अवैध हथियार और कारतूस की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भोजपुर पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 19 हजार 250 जिंदा कारतूस, एक देसी पिस्तौल और टाटा हैरियर कार के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इतनी बड़ी मात्रा में कारतूस की बरामदगी के बाद पुलिस अब अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को कोईलवर थाना पुलिस को बिहार एसटीएफ से गुप्त सूचना मिली थी कि आरा की तरफ से आ रही सफेद रंग की टाटा हैरियर कार में भारी मात्रा में अवैध कारतूस ले जाए जा रहे हैं। सूचना में वाहन का नंबर BR06EN-0016 बताया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया।
पुलिस को देखकर भागने की कोशिश, तीनों गिरफ्तार
इसी दौरान संदिग्ध टाटा हैरियर कार टोल प्लाजा के पास पहुंची। पुलिस टीम ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने गाड़ी पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रोक लिया। इसके बाद कार में सवार तीनों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई।
वाहन की जांच के दौरान पुलिस को 19,250 जिंदा कारतूस और एक देसी पिस्तौल बरामद हुई। हथियार और कारतूस से संबंधित कोई वैध दस्तावेज आरोपितों की ओर से प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुजफ्फरपुर और सीवान के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर निवासी ललित कुमार (38), सीवान जिले के तरवारा थाना क्षेत्र के गाधोपुर निवासी चंदन तिवारी (26) और मुजफ्फरपुर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी सरस कुमार (27) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने अवैध कारतूस की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, कारतूस की खरीद-बिक्री और आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
तस्करी के नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में कोईलवर थाना कांड संख्या 243/26, दिनांक 2 नवंबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में कारतूस कहां से लाए गए थे और इन्हें किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।


