Siwan News: बिहार के सीवान जिले के आलमपुर गांव में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना जोरदार था कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने पांच लोगों के शव बरामद होने की पुष्टि की है। वहीं, मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में मृतकों की संख्या करीब सात बताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पटाखा कारोबारी के घर में हुआ विस्फोट
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे आलमपुर गांव में पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन के घर में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक आग लग गई और पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज सुनकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर विस्फोट होते रहे।

विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। कुछ शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले।
एक ही परिवार के कई लोगों के हताहत होने की आशंका
ग्रामीणों के मुताबिक, हादसे में पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन के परिवार के पांच सदस्यों के हताहत होने की आशंका है। इनमें उनकी तीन पोतियां और एक पोता शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दो मजदूरों के भी हादसे का शिकार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मृतकों की पहचान और वास्तविक संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस, मेडिकल और एफएसएल की टीमें मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी घटनास्थल से नमूने एकत्र कर रही है। बचाव दल मलबे की तलाशी लेकर संभावित पीड़ितों का पता लगाने में जुटा है।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है। इलाके में अब भी रुक-रुककर विस्फोट होने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों से घटनास्थल से कम से कम 200 मीटर दूर रहने की अपील की गई है। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में जान गंवाने वालों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, जबकि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पटाखा निर्माण के लाइसेंस की होगी जांच
पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जाती थी और संबंधित कारोबारियों के पास वैध लाइसेंस था या नहीं।
ग्रामीणों का दावा है कि पटाखा निर्माण से जुड़े लोग करीब 20 वर्षों से इस कारोबार में लगे थे और पहले उनके पास लाइसेंस था। हालांकि, लाइसेंस की वर्तमान वैधता की पुष्टि अभी बाकी है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल राहत और बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। मलबे की पूरी तलाशी, मृतकों की पहचान और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
लापरवाही के आरोप में थानाध्यक्ष और चौकीदार पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में थाना स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद जामो थानाध्यक्ष धीरज कुमार और चौकीदार द्वारिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
घटनास्थल पर सदर एसडीपीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन सहित जामो, बड़हरिया और गोरियाकोठी समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।





