गोपालगंज, 29 अगस्त। बिहार के गोपालगंज जिले से शनिवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गोपालपुर थाना क्षेत्र के सवनहीं गांव में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सवनहीं गांव में हकीक अहमद का मकान निर्माणाधीन है। मकान के साथ शौचालय के लिए सेप्टिक टैंक का भी निर्माण कराया जा रहा था। शनिवार को कुछ मजदूर टैंक के अंदर शटरिंग खोलने और प्लास्टर का काम करने के लिए उतरे थे। बताया जा रहा है कि टैंक के अंदर ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
कुछ ही देर में एक के बाद एक मजदूर बेहोश होकर टैंक के अंदर गिर पड़े। उन्हें परेशानी में देखकर बचाने के लिए अन्य मजदूर भी सेप्टिक टैंक के अंदर उतर गए। हालांकि, उन्हें अंदर मौजूद जहरीली गैस के खतरे का अंदाजा नहीं था। बचाव की कोशिश के दौरान वे भी गैस की चपेट में आ गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद अन्य मजदूरों की मदद से सभी को किसी तरह सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान सवनहीं गांव निवासी बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू, उमेश यादव और गिदहा गांव निवासी शबे आलम के रूप में हुई है। चार मजदूरों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए। अपनों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुचायकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर गोपालगंज मॉडल अस्पताल तक मातम का माहौल बना रहा।
हेडक्वार्टर डीएसपी विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि हकीक अहमद के निर्माणाधीन मकान में शौचालय के लिए बनाए जा रहे सेप्टिक टैंक के अंदर मजदूर शटरिंग खोलने और प्लास्टर का काम कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई।
पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज मॉडल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस हादसे ने एक बार फिर बंद और गहरे सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी से होने वाले गंभीर खतरे को सामने ला दिया है।


