Close Menu
Today Post Live
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, 22 August 2026 || 00:13
    • About Us
      • Contact Us
        • Privacy Policy
          • Terms and Conditions
          • News Submit
          Facebook X (Twitter) Instagram
          Today Post Live
          • होम
          • देश
          • विदेश
          • राजनीति
          • चुनाव
          • झारखंड
            • कोडरमा
            • खूंटी
            • गढ़वा
            • गिरिडीह
            • गुमला
            • गोड्डा
            • चतरा
            • चाईबासा
            • जमशेदपुर
            • जामतारा
            • दुमका
            • देवघर
            • धनबाद
            • पलामू
            • पाकुड़
            • बोकारो
            • रांची
            • रामगढ़
            • लातेहार
            • लोहरदगा
            • सराइकेला-खरसावां
            • साहेबगंज
            • सिमडेगा
            • हज़ारीबाग
          • बिहार
            • अररिया
            • अरवल
            • औरंगाबाद
            • कटिहार
            • किशनगंज
            • खगड़िया
            • गया
            • गोपालगंज
            • जमुई
            • जहांबाद
            • दरभंगा
            • नवादा
            • नालंदा
            • पटना
            • पश्चमी चंपारण
            • पुरनिया
            • पूर्वी चंपारण
            • बक्सर
            • बांका
            • बेगूसराय
            • भभुआ
            • भागलपुर
            • भोजपुर
            • मधुबनी
            • मधेपुरा
            • मुंगेर
            • मुजफ्फरपुर
            • रोहतास
            • लखीसराय
            • वैशाली
            • शिवहर
            • शेखपुरा
            • समस्तीपुर
            • सारण
            • सहरसा
            • सिवान
            • सीतामढ़ी
            • सुपौल
          • व्यापार
          • खेल
            • क्रिकेट
          • मनोरंजन
            • बॉलीवुड
            • हॉलीवुड
          • शिक्षा
          Today Post Live
          Home»Headline»16 हजार वेतन में गुजारा मुश्किल, स्कूल के बाहर झालमुड़ी बेच रहे गुरुजी
          Headline

          16 हजार वेतन में गुजारा मुश्किल, स्कूल के बाहर झालमुड़ी बेच रहे गुरुजी

          टुडे पोस्ट लाइवBy टुडे पोस्ट लाइवAugust 21, 2026Updated:August 21, 2026No Comments3 Mins Read
          Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
          Share
          Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email

          Bhagalpur News:  शिक्षा के मंदिर में बच्चों को शारीरिक स्वास्थ्य, खेलकूद और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले एक शिक्षक की मजबूरी की तस्वीर सामने आई है। सन्हौला प्रखंड के अमडंडा मध्य विद्यालय में कार्यरत शारीरिक शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक निशांत कुमार स्कूल में बच्चों को पीटी और खेलकूद का प्रशिक्षण देने के बाद छुट्टी होते ही स्कूल के बाहर झालमुड़ी और स्टेशनरी का ठेला लगाते हैं। इसकी वजह कम मानदेय और परिवार की बढ़ती जरूरतें बताई जा रही हैं।

          निशांत कुमार की नियुक्ति वर्ष 2022 में शारीरिक शिक्षक के पद पर हुई थी। नियुक्ति के समय उन्हें महज 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। लंबे समय तक आंदोलन और संघर्ष के बाद सरकार ने मानदेय बढ़ाकर 16 हजार रुपये कर दिया। हालांकि, निशांत का कहना है कि मौजूदा महंगाई में इतनी राशि से परिवार का खर्च चलाना बेहद मुश्किल है।

          स्कूल में अपनी निर्धारित ड्यूटी पूरी करने के बाद निशांत वहीं बाहर दुकान लगा लेते हैं। झालमुड़ी और स्टेशनरी की दुकान से उन्हें प्रतिदिन करीब 300 से 400 रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। यही कमाई उनके परिवार के लिए सहारा बनी हुई है।

          निशांत बताते हैं कि शुरुआत में अपने ही विद्यार्थियों के सामने ठेला लगाने में उन्हें काफी झिझक और संकोच महसूस होता था। लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों के सामने उन्हें यह काम शुरू करना पड़ा। सबसे भावुक स्थिति तब बनती है, जब स्कूल की छुट्टी के बाद वही बच्चे उनके ठेले पर झालमुड़ी खरीदने पहुंचते हैं, जिन्हें कुछ देर पहले वे मैदान में पीटी और खेलकूद सिखा रहे होते हैं।

          छात्र भी अपने शिक्षक की स्थिति को लेकर दुखी हैं। उनका कहना है कि निशांत सर उन्हें अच्छे तरीके से पीटी करवाते हैं और खेल सिखाते हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें अच्छा नहीं लगता कि उनके शिक्षक को कम वेतन के कारण स्कूल के बाहर दुकान लगानी पड़ती है।

          निशांत के मुताबिक, वह अकेले ऐसे शिक्षक नहीं हैं जो कम मानदेय के कारण अतिरिक्त काम करने को मजबूर हैं। राज्य के कई शारीरिक शिक्षक परिवार चलाने के लिए अलग-अलग काम कर रहे हैं। किसी को डिलीवरी का काम करना पड़ रहा है तो कोई अन्य छोटे-मोटे रोजगार का सहारा ले रहा है।

          निशांत सरकार से शारीरिक शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देने और सम्मानजनक वेतन देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बेहतर वेतन मिलने पर शिक्षक अतिरिक्त काम करने के बजाय अपना पूरा समय बच्चों के भविष्य और खेल प्रतिभाओं को निखारने में लगा सकेंगे।

          16 हजार वेतन Bhagalpur News Bihar Teacher News अमडंडा मध्य विद्यालय झालमुड़ी बेचते शिक्षक निशांत कुमार शिक्षक भागलपुर शिक्षक शारीरिक शिक्षक बिहार शिक्षक मानदेय सन्हौला न्यूज
          Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email

          Related Posts

          रांची-गिरिडीह में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बवाल, मारपीट के आरोप

          August 21, 2026

          पटवन के पानी पर भिड़े दो गांव, विवाद के बाद आहर में डूबे किशोर की मौत

          August 21, 2026

          JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक,सरकार से मांगा जवाब

          August 21, 2026
          Social
          • Facebook
          • Twitter
          • Instagram
          • YouTube
          • LinkedIn
          • Pinterest
          • Telegram
          • WhatsApp

          Trending News

          रांची-गिरिडीह में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बवाल, मारपीट के आरोप

          पटवन के पानी पर भिड़े दो गांव, विवाद के बाद आहर में डूबे किशोर की मौत

          JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक,सरकार से मांगा जवाब

          रावण को कांवड़ में बिठाकर 105 किमी की पैदल यात्रा पर निकला जत्था,अनोखी कांवड़ देख हैरान लोग

          16 हजार वेतन में गुजारा मुश्किल, स्कूल के बाहर झालमुड़ी बेच रहे गुरुजी

          © 2026 TODAYPOST NEWS NETWORK. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

          Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.