रांची, 11 अगस्त (हि.स.)। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार को राजधानी रांची में जोरदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों के समर्थन में एबीवीपी कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने पुरानी विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
एबीवीपी के मुताबिक, विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप
सिंह, झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी समेत 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को खेलगांव स्थित कैंप जेल में रखा गया है।
संगठन ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। एबीवीपी का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार के खिलाफ बताया है।
एबीवीपी के झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन्हें निरस्त कर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में तकनीकी, प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर जरूरी सुधार किए जाने की मांग की।
प्रकाश टूटी ने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के जरिए दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एबीवीपी विद्यार्थियों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर अपना लोकतांत्रिक आंदोलन आगे भी जारी रखेगा।
विधानसभा घेराव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पुरानी विधानसभा के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारी जैसे ही विधानसभा की ओर आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
एबीवीपी का कहना है कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष है। संगठन ने सरकार से विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।


