Jharkhand News : चतरा। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के खिलाफ चतरा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने संगठन के हार्डकोर उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी लावालौंग थाना क्षेत्र से की गई है। गिरफ्तार उग्रवादी टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का करीबी सहयोगी माना जाता है और संगठन की गतिविधियों में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविकांत लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था और झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी को टीएसपीसी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि रविकांत संगठन के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में था और कई अहम गतिविधियों का संचालन करता था।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद वरीय पुलिस अधिकारी उससे गुप्त स्थान पर गहन पूछताछ कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान टीएसपीसी के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, लेवी वसूली तंत्र और संगठन के सक्रिय सदस्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं। इसके अलावा संगठन की भविष्य की योजनाओं और गतिविधियों को लेकर भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रविकांत की भूमिका संगठन में काफी प्रभावशाली थी। वह उग्रवादी गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ संगठन और उसके शीर्ष नेताओं के बीच समन्वय का भी काम करता था। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थीं।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक हथियार भी बरामद किया है। बरामद हथियार के संबंध में जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया जाता था। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और संगठन से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रविकांत की गिरफ्तारी से टीएसपीसी को बड़ा झटका लगा है। इससे संगठन की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है और क्षेत्र में उग्रवाद विरोधी अभियान को और मजबूती मिलेगी। वहीं पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां संगठन से जुड़े अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश में भी लगातार अभियान चला रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संगठन के शेष नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान तेज किया जाएगा।


