Jharkhand News : झारखंड के पलामू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) निर्माण कार्य के दौरान कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी का मामला न्यायालय पहुंच गया है। मेदिनीनगर सदर अंचल के चियांकी गांव की रहने वाली चिंता कुमारी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) में परिवाद दायर कर कई अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
दायर परिवाद में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय पांडे, सदर अंचल अधिकारी जागा महतो, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े पदाधिकारी सुबोध शर्मा, सूरज कुमार, सतीश मेहता, राकेश सिंह, आदित्य प्रकाश, एसआई सुजीत पांडे सहित अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रुचिर कुमार तिवारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार 9 जुलाई को चियांकी गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य के दौरान विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान नामजद लोगों ने चिंता कुमारी और उनके परिजनों के साथ मारपीट की। साथ ही धनगर जनजाति को लेकर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उनका अपमान किया गया।
परिवाद में यह भी कहा गया है कि घटना के बाद पीड़िता न्याय की मांग लेकर पहले सदर थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची थी। हालांकि, शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने विशेष न्यायालय की शरण ली और विधिक कार्रवाई की मांग करते हुए परिवाद दायर किया।
विशेष न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए परिवाद दर्ज कर लिया है। अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 7 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में न्यायालय प्रस्तुत तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगा।
फिलहाल यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है। आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न्यायालय की आगामी सुनवाई में मामले से जुड़े तथ्यों और पक्षों की दलीलों पर आगे की कार्रवाई होगी।


