Nawada News: जिले के सिरदला थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब धनारजय नदी में बालू के नीचे दबी एक विवाहिता का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान अकबरपुर थाना क्षेत्र के धोबघटी गांव निवासी प्रमिला देवी (पति शंकर कुमार) के रूप में हुई है। इस मामले में परिजनों ने पति सहित चार लोगों पर हत्या कर शव को नदी में दफनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, सिरदला थाना क्षेत्र के राजन पंचायत स्थित पैक्स गोदाम के पास बैजनाथपुर और राजन गांव के बीच धनारजय नदी किनारे कुछ ग्रामीण सुबह शौच के लिए गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक स्थान पर पड़ी, जहां कई कुत्ते बालू को नोच रहे थे। पास जाकर देखने पर बालू के नीचे दबे एक महिला के शव का चेहरा दिखाई दिया। शव से दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सिरदला थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद अकबरपुर पुलिस, रजौली के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) गुलशन कुमार तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बालू हटाकर शव को बाहर निकाला और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया।
जांच के दौरान शव की पहचान अकबरपुर थाना क्षेत्र में दर्ज गुमशुदगी के मामले से जुड़ी प्रमिला देवी के रूप में हुई। प्रमिला की गुमशुदगी को लेकर पहले ही अकबरपुर थाना में कांड संख्या 319/26 दर्ज किया गया था।
मृतका के पिता उमेश बिन एवं माता मुन्ना देवी, जो औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र के करमा पांडेय गांव के निवासी हैं, ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले प्रमिला की दूसरी शादी शंकर कुमार से कराई गई थी। उनका एक पांच-छह वर्षीय पुत्र भी है। परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही प्रमिला को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था और अक्सर विवाद होता रहता था।
परिजनों के अनुसार, 2 जुलाई को विवाद की सूचना मिलने पर वे बेटी के ससुराल पहुंचे थे। वहां घर के बाहर ताला लगा था, जबकि अंदर पंखा चल रहा था। पुलिस की मौजूदगी में घर खोला गया, लेकिन प्रमिला और उसका पति दोनों नहीं मिले। इसके बाद 4 जुलाई को अकबरपुर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
सोमवार को शव मिलने की सूचना पर परिजन सिरदला पहुंचे और साड़ी तथा हाथ पर बने गोदने के आधार पर शव की पहचान की। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि पति शंकर कुमार, उसके भाई राजेश कुमार, राजन और उनके पिता ने मिलकर प्रमिला की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को धनारजय नदी में बालू के नीचे दबा दिया।
सिरदला थानाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


