Supaul News: बिहार में शराबबंदी और नशा विरोधी अभियान के बीच सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना से एक बड़ा मालखाना घोटाला सामने आया है। थाना परिसर में जब्त रखी गई कोडीन युक्त कफ सिरप की हजारों बोतलों के गायब होने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है, जबकि चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष जांच टीम ने प्रतापगंज थाना के मालखाने की जांच की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एक मामले में जब्त 7560 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप में से 8 बोतलें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई थीं। ऐसे में मालखाने में 7552 बोतलें मौजूद होनी चाहिए थीं, लेकिन निरीक्षण के दौरान मात्र 1390 बोतलें ही मिलीं। इस तरह 6162 बोतलों के गायब होने की पुष्टि हुई।
जांच टीम को मालखाने में 2842 ऐसी कफ सिरप बोतलें भी मिलीं जिनका बैच नंबर, ब्रांड और निर्माण वर्ष जब्त माल से अलग था। अधिकांश बोतलों का निर्माण वर्ष 2026 पाया गया। इससे आशंका जताई जा रही है कि मूल स्टॉक की कमी को छिपाने के लिए नई बोतलें रखी गई थीं।
मामले की जांच के दौरान यह भी सामने आया कि थाना परिसर में जब्त वाहनों के टायर, ई-रिक्शा की बैटरियां, डायनेमो और अन्य सामान भी गायब थे। संदेह तब और गहरा गया जब संबंधित अवधि का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं मिला। पूछताछ में गिरफ्तार चौकीदार राहुल कुमार ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसके अनुसार त्रिवेणीगंज निवासी आशीष नामक व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद मालखाने से कफ सिरप निकालकर बेचने का सिलसिला शुरू हुआ।
जांच में अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार की संलिप्तता के आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है कि रात के समय मालखाने से कफ सिरप बाहर निकालकर उसकी सप्लाई की जाती थी और बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट ली जाती थी। चौकीदार ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी जब्त शराब, कफ सिरप तथा अन्य सामानों की अवैध बिक्री कर चुका है।
मामले में प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सुपौल के पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


