Jharkhand News : धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर मंगलवार को राजधानी रांची में श्रद्धा और सम्मान का विशेष माहौल देखने को मिला। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद दोनों नेताओं ने बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जनजातीय समाज में स्वाभिमान, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। राज्यपाल ने कहा कि बिरसा मुंडा के आदर्श और विचार आज भी प्रासंगिक हैं तथा समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भी धरती आबा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि करीब सवा सौ वर्ष बीत जाने के बाद भी बिरसा मुंडा का योगदान लोगों के दिलों में जीवित है और आदिवासी समाज सहित हर वर्ग के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक याद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने संघर्ष, नेतृत्व और विचारों से इतिहास रचा था। उन्होंने समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा दी। उनका जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और जनसेवा का प्रतीक है। हेमन्त सोरेन ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के दिखाए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी लोग उनकी पुण्यतिथि पर समाधि स्थल पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं और आगे भी उनकी स्मृतियों को जीवित रखने का कार्य जारी रहेगा। बिरसा मुंडा का योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, रांची की मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार समेत कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी भगवान बिरसा मुंडा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने उनके आदर्शों को अपनाने और समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।


