Bihar News: पटना में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए Tejashwi Yadav ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया “हरा गमछा हो या नीला गमछा” वाले बयान को लेकर कहा कि इस तरह की भाषा मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देती। तेजस्वी ने कहा कि ऐसे बयान सरकार की मानसिकता को उजागर करते हैं और यह दर्शाते हैं कि सत्ता में बैठे लोग समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में लोगों को जाति, रंग और पहचान के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब विकास, रोजगार, महंगाई और मूलभूत सुविधाओं जैसे असली मुद्दों पर जवाब चाहती है, लेकिन सरकार इन सवालों से ध्यान हटाने के लिए बयानबाजी कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। महंगाई की मार से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की स्थिति खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब वे वादे अधूरे दिखाई दे रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता, वृद्धों को पेंशन और युवाओं को नौकरी देने के वादों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
तेजस्वी यादव ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के पास अब योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचा है। उन्होंने पूछा कि महिलाओं को दूसरी किस्त की राशि कब मिलेगी, वृद्धों की पेंशन कब जारी होगी और आम जनता को राहत देने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
उन्होंने बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा। तेजस्वी ने कहा कि महंगी बिजली का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। जनता पहले से महंगाई से परेशान है और अब बिजली की बढ़ी हुई दरें लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी वादों से पीछे हटती नजर आ रही है और जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।


