Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु पर यातायात बहाल करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से पर अस्थायी बेली ब्रिज निर्माण का कार्य अब तेजी से शुरू कर दिया गया है। भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले इस पुल के बंद होने से हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों में राहत और उम्मीद दोनों बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बेली ब्रिज निर्माण के लिए कोलकाता से सेना में उपयोग होने वाले भारी लोहे के विशेष स्ट्रक्चर तीन ट्रकों के माध्यम से भागलपुर पहुंचाए गए हैं। इन स्ट्रक्चर का इस्तेमाल सैन्य स्तर की तकनीक से अस्थायी पुल तैयार करने में किया जाएगा। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर लगभग 34 मीटर लंबाई में यह निर्माण कार्य किया जा रहा है।
भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इस पूरे निर्माण कार्य की निगरानी सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ कर रहा है। उन्होंने कहा कि बेली ब्रिज तैयार होने के बाद यातायात संचालन के लिए विशेष वन-वे ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा। इसके तहत पुल के दोनों ओर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी और एक समय में केवल एक दिशा से वाहनों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से जाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। खासकर रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को जल्द राहत मिलेगी। पुल बंद होने के बाद से लोगों को नाव के सहारे गंगा पार करनी पड़ रही थी, जिससे जोखिम भी बढ़ गया था।
इधर, बिहार सरकार भी इस मामले को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। गुरुवार को पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने अधिकारियों के साथ पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने बीआरओ द्वारा बनाए जा रहे बेली ब्रिज की गुणवत्ता और निर्माण सामग्री की भी जांच की।
मंत्री ने दावा किया कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर 3.25 मीटर चौड़े अस्थायी बेली ब्रिज पर हल्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में अस्थायी पुल के जरिए यातायात बहाल होगा, जबकि दूसरे चरण में ट्रस तकनीक के माध्यम से स्थायी समाधान किया जाएगा। सरकार की इस पहल को भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।


