Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में 14 मई 2026 को सिविल डिफेंस ब्लैकआउट और मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार यह अभ्यास शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक चलेगा। इस दौरान हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारियों की जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी पटना ने आम लोगों से अपील की है कि मॉकड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और इसे केवल अभ्यास के रूप में लें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का वास्तविक खतरा नहीं है। यह कार्यक्रम सरकार के निर्देश पर पूर्व निर्धारित योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव तंत्र की प्रभावशीलता को परखा जा सके।
मॉकड्रिल के दौरान पटना नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में ब्लैकआउट किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि निर्धारित समय पर अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद रखें।
अभ्यास के दौरान नागरिक सुरक्षा का सायरन दो मिनट तक बजाया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट शुरू हो जाएगा। इस दौरान एयर रेड अर्ली वार्निंग सिस्टम, इवैक्युएशन, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, मेडिकल रिस्पॉन्स, कैजुअल्टी इवैक्युएशन और फायर फाइटिंग जैसे छह अलग-अलग परिदृश्यों पर अभ्यास किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से बताया गया है कि इस मॉकड्रिल से आवश्यक सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अस्पतालों में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे और प्राइवेसी कर्टेन लगाए जाएंगे ताकि ब्लैकआउट के दौरान जरूरी सेवाएं बाधित न हों।
मॉक अभ्यास के लिए पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आईजीआईएमएस को सिमुलेशन साइट के रूप में चुना गया है। इन स्थानों पर विशेष आपदा परिदृश्य तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और सिविल डिफेंस की टीमों को सक्रिय रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से साल में कम-से-कम दो बार ऐसे मॉकड्रिल आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी आपात सूचना के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र और डायल 112 को सक्रिय रखा जाएगा।


