Rohtas News: बिहार के रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन के डालमियानगर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ सह एएसपी अतुलेश्वर झा ने बताया कि फरवरी 2025 में थाना क्षेत्र की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर डेहरी रेलवे स्टेशन से राजस्थान ले जाया गया था। उसे बीकानेर जिले के कल्पंप चुंगी गांव में रखा गया, जहां उसकी जबरन शादी करा दी गई।
बताया जाता है कि पीड़िता काफी समय तक वहां फंसी रही, लेकिन किसी तरह साहस दिखाते हुए वह 28 अप्रैल 2026 को वहां से भागकर अपने घर वापस पहुंची। घर लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद 3 मई को पीड़िता की मां ने डालमियानगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष राजीव कुमार राय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब एक साल पहले ही नाबालिग को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाकर एक व्यक्ति से उसकी जबरन शादी करा दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन महिला आरोपियों—चैता देवी, सूर्जमुखी कुंवर और बबीता देवी—को गिरफ्तार कर लिया। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
एएसपी अतुलेश्वर झा ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और राजस्थान में सक्रिय गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम इस मामले की जांच कर रही है। इस टीम में थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के साथ प्रिंस मिश्रा और स्वाति कुमारी भी शामिल हैं, जो इस केस को सुलझाने में जुटे हुए हैं। यह घटना एक बार फिर समाज में मानव तस्करी और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


