Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित पटना-बेतिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान वे सारण जिले के बकरपुर-मानिकपुर मार्ग पर रुके और परियोजना के पहले चरण की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने मुख्यमंत्री को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटना से बेतिया तक बनने वाली यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना योजनाओं में से एक है, जिस पर तेजी से कार्य जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के पहले खंड को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को बिहार की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे बनने के बाद पटना से बेतिया तक की यात्रा बेहद आसान और तेज हो जाएगी। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में अधिक समय लगता है, वहीं परियोजना पूरी होने के बाद यह सफर मात्र तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस ग्रीनफील्ड परियोजना के निर्माण से मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। यह एक्सप्रेस-वे वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों को सीधे राजधानी पटना से जोड़ेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाए। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी सहित National Highways Authority of India (एनएचएआई) के अधिकारी मौजूद थे।
यह परियोजना उत्तर बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है, जिससे व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।


