अब तक पेपर लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन संगठित सॉल्वर गैंग की गतिविधियां सामने आई हैं,
Jharkhand News: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान रांची में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रविवार को रांची में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने पूरे मामले का खुलासा किया।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक पेपर लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन संगठित सॉल्वर गैंग की गतिविधियां सामने आई हैं, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार लोगों में 159 अभ्यर्थी और पांच गैंग के सदस्य शामिल हैं। मुख्य आरोपितों में बिहार के अतुल वत्स और विकास कुमार समेत झारखंड के कुछ लोग भी शामिल हैं।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपितों के पास चार अलग-अलग प्रश्न पत्र सेट मिले थे, जिनमें से केवल चार प्रश्न ही असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए। 120 प्रश्नों में सिर्फ चार के मिलान के आधार पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण जांच जारी है।
पूरे मामले का खुलासा 11 अप्रैल को मिली गुप्त सूचना के बाद हुआ। सूचना में तमाड़ थाना क्षेत्र के एक अधनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के जमा होने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर मौके से सभी लोगों को हिरासत में लिया।
छापेमारी के दौरान कई युवक भागने की कोशिश करते दिखे और अपने पास मौजूद दस्तावेज व उपकरण नष्ट करने लगे। पुलिस ने मौके से प्रिंटर, तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, फटे एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और बैंक चेक बरामद किए हैं। इसके अलावा आठ वाहनों को भी जब्त किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्न और उनके उत्तर रटवाता था और इसके बदले 10 से 15 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। कई अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल, एडमिट कार्ड और बैंक चेक भी गिरोह को सौंप दिए थे, ताकि पकड़े जाने से बचा जा सके।
मुख्य सरगना अतुल वत्स का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह पहले भी कई बड़ी परीक्षाओं में धांधली के मामलों में शामिल रह चुका है, जिनमें 2017 की राजस्थान क्लर्क भर्ती और 2024 की विभिन्न परीक्षाएं शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 21/26 दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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