Motihari News: शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब कांड ने व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। जिले के तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के कई गांवों में जहरीली शराब पीने से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई है, जिससे इलाके में दहशत और मातम का माहौल बना हुआ है।
मृतकों में जयसिंहपुर पुलवाघाट के चंदू प्रसाद, परसौना के प्रमोद यादव और परिक्षण मांझी, बालगंगा के सम्पत साह तथा हरदिया के हरी भगत और लालकिशोर राय शामिल हैं। वहीं विनोद साह, राहुल पासवान, लोहा ठाकुर और लड्डू साह समेत कई लोगों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। गंभीर रूप से बीमार लड्डू साह और विनोद साह को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सभी पीड़ितों ने बुधवार शाम परसौना और बालगंगा इलाके में शराब का सेवन किया था, जिसके बाद देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। लगातार हो रही मौतों से बालगंगा, लक्ष्मीपुर, गदरिया परसौना और हरदिया गांवों में शोक की लहर है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने तुरकौलिया थानाध्यक्ष उमाशंकर मांझी को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकीदार भरत यादव को गिरफ्तार किया गया है। उस पर मुख्य शराब कारोबारी नागा राय की मदद करने का आरोप है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी नागा राय समेत आठ शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाने में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। मृतक प्रमोद यादव की पत्नी सुगंति देवी के आवेदन पर भी मामला दर्ज हुआ है।
पीपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट जब्त किया गया है, जिसकी जांच में मेथनॉल की पुष्टि हुई है
इस बीच पीपराकोठी से 700 लीटर स्प्रिट जब्त किया गया है, जिसकी जांच में मेथनॉल की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, यह स्प्रिट काफी जहरीली थी और अगर समय रहते इसे नहीं पकड़ा जाता तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी।
जांच में सामने आया है कि पीपराकोठी के कन्हैया और राजा ने स्प्रिट मंगवाया था, जिसे आगे खलीफा और सुनील शाह के जरिए नागा राय और जम्मू बैठा तक पहुंचाया गया। नागा राय ने परसौना में जबकि जम्मू बैठा ने बालगंगा में इसकी सप्लाई की।
प्रशासन ने प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर इलाज शुरू कर दिया है। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


